पीतल के बर्तन: क्या पकाएं, क्या नहीं, कलई और रेट कैसे तय होता है
संक्षेप में
पीतल के बर्तन में पकाना है तो अंदर कलई (टिन की परत) होनी चाहिए। खट्टी चीज़ें, जैसे नींबू, टमाटर, दही, छाछ और अचार, बिना कलई वाले पीतल में न पकाएं और न रखें। रेट धातु के भाव, वज़न, बनावट और कलई से तय होता है।
01Pital ke bartan me kya nahi khana chahiye
- खट्टी चीज़ें: नींबू, टमाटर, दही, छाछ, कढ़ी, अचार और सिरका। खटास धातु को खाने में खींचती है।
- रात भर रखा खाना: पीतल में परोसें, फिर बचा खाना स्टील या कांच के बर्तन में रखें।
- छोटे बच्चों का दूध पीतल में न उबालें, न रखें।
02कलई क्या है और क्यों ज़रूरी है
कलई शुद्ध टिन की पतली परत है, जो पीतल और तांबे के बर्तन के अंदर लगाई जाती है, ताकि खाना धातु को नहीं, टिन को छुए।
भारत का खाद्य नियामक FSSAI, Packaging Regulations 2018 में, बिना ठीक कलई वाले पीतल या तांबे के बर्तन को खाना बनाने या रखने के लिए अनुपयुक्त मानता है।
टिन लगभग 232 °C पर पिघलता है, इसलिए कलई वाला बर्तन कभी खाली आँच पर न रखें। जब अंदर से पीला या लाल रंग दिखने लगे, तो दोबारा कलई करवाएं।
03Pital ke bartan ka rate kaise banta hai
पीतल के सादे बर्तन ज़्यादातर किलो के भाव से बिकते हैं, और सजावटी या जुड़े हुए बर्तन नग के भाव से। कोई एक तय रेट नहीं है: भाव रोज़ की धातु की कीमत, वज़न, मोटाई, बनावट और कलई से बनता है।
पुराने बर्तन का कबाड़ भाव नए बर्तन से हमेशा कम होता है, क्योंकि नए बर्तन में बनाने, पॉलिश और कलई का खर्च जुड़ा होता है।
- हर नग का वज़न पूछें।
- भाव किलो का है या नग का, पूछें।
- कलई अंदर है या नहीं, और भाव में शामिल है या नहीं।
- GST, पैकिंग और भाड़ा शामिल है या अलग।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पीतल के बर्तन में खाना बनाना चाहिए या नहीं?
हाँ, अगर अंदर कलई है। बिना कलई वाले पीतल में खट्टी चीज़ें न पकाएं और न रखें।
क्या पीतल के बर्तन में चाय बना सकते हैं?
कलई वाले बर्तन में बना सकते हैं। चाय रात भर उसमें न छोड़ें।
पीतल के बर्तन का रेट किलो में क्या है?
रेट रोज़ बदलता है और धातु, वज़न, बनावट और कलई पर निर्भर है। हमारे प्रोडक्ट कोड और मात्रा भेजें; हम पूरी सूची का एक भाव भेजते हैं।